Our Projects

The ZED (Zero Defect Zero Effect)

The ZED (Zero Defect Zero Effect) certification project is a government initiative aimed at improving the competitiveness of Micro, Small, and Medium Enterprises (MSMEs) in India. It encourages MSMEs to adopt sustainable manufacturing practices, focusing on quality, productivity, and environmental responsibility. The certification helps MSMEs enhance their manufacturing systems, reduce waste, improve productivity, and increase their visibility in the global market. 

हर्बल कृषि जागरूकता एवं विकास कार्यक्रम

हर्बल कृषि जागरूकता एवं विकास कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को औषधीय पौधों की खेती के बारे में जागरूक करना और उन्हें इस क्षेत्र में विकास के लिए प्रोत्साहित करना है। इस कार्यक्रम के तहत, किसानों को औषधीय पौधों की खेती के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा, उन्नत तकनीकों और वैज्ञानिक विधियों से अवगत कराया जाएगा, और उन्हें बाजार तक पहुंच प्रदान की जाएगी। 

शिक्षा दान कार्यक्रम

शिक्षा दान कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के जरूरतमंद और वंचित बच्चों को शिक्षा के अवसर प्रदान करना है। इस कार्यक्रम के तहत बच्चों को निःशुल्क किताबें, स्टेशनरी और पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। इसके अलावा, स्वयंसेवक नियमित रूप से बच्चों को पढ़ाते हैं और उनकी पढ़ाई में सहायता करते हैं। यह पहल बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक सकारात्मक कदम है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकते हैं और समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जी सकते हैं।

 

समूह रोजगार कार्यक्रम

समूह रोजगार कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और जरूरतमंद लोगों को समूह बनाकर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है। इस कार्यक्रम के तहत स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण, ऋण और उद्यमिता की जानकारी दी जाती है, जिससे वे छोटे–मोटे व्यवसाय शुरू कर सकें। यह पहल लोगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाती है। समूह रोजगार कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय स्तर पर नए-नए रोजगार सृजित होते हैं और समाज में विकास की गति तेज होती है।

 

आरोग्य सेवा एवं मातृत्व सेवा कार्यक्रम

आरोग्य सेवा एवं मातृत्व सेवा कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराना है। इस कार्यक्रम के तहत गर्भवती महिलाओं की नियमित जाँच, टीकाकरण, पौष्टिक आहार की जानकारी और निःशुल्क दवाएँ दी जाती हैं। साथ ही, प्रसवपूर्व और प्रसवोत्तर देखभाल तथा नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य की देखरेख की जाती है। यह पहल माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य स्तर में सुधार लाने तथा मातृ-मृत्यु और शिशु-मृत्यु दर को कम करने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।